बत्रा अस्पताल में 12 मरीजों की मौत, अदालत का केंद्र को आक्सीजन आपूर्ति का निर्देश

दिल्ली के बत्रा अस्पताल में गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी (जठरांत्र विज्ञान) विभाग के प्रमुख सहित 12 कोरोना संक्रमित मरीजों की कथित रूप से ऑक्सीजन की कमी के कारण शनिवार को मौत हो गई। वहीं दिल्ली उच्च न्यायालय ने केंद्र को निर्देश दिया कि वह आज ही दिल्ली को आक्सीजन की आपूर्ति करे या अवमानना की कार्यवाही का सामना करे।

दक्षिण दिल्ली के अस्पताल में 12 मरीजों की मौत के साथ ही पिछले आठ दिनों में गहराते संकट में जान गंवाने वाले अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या बढ़कर 57 हो गई है।

राष्ट्रीय राजधानी के बत्रा अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से डॉक्टर सहित कई मरीजों की मौत से नाराज दिल्ली उच्च न्यायालय ने शनिवार को केंद्र को निर्देश दिया कि वह दिल्ली को उसके हिस्से की 490 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आज ही आपूर्ति सुनिश्चित करे या अवमानना कार्यवाही का सामना करे।

जब केंद्र के वकील ने कहा कि ऑक्सीजन संकट का मुद्दा उच्चतम न्यायालय के समक्ष भी विचाराधीन है, जो शनिवार को अपना आदेश जारी करेगा, तब उच्च न्यायालय की पीठ ने कहा, "क्या आपका मतलब है कि हम दिल्ली में मर रहे लोगों के प्रति अपनी आँखें बंद कर लें?"

उच्च न्यायालय ने केंद्र के आदेश को सोमवार तक या आधे घंटे के लिए स्थगित करने का अनुरोध मानने से इनकार कर दिया।

अदालत ने कहा कि केंद्र सुनिश्चित करे कि दिल्ली को आवंटित मात्रा 490 मीट्रिक टन ऑक्सीजन मिले।

जब अदालत में मामले की सुनवायी चल रही थी बत्रा अस्पताल में गंभीर रूप से बीमार मरीजों के लिए समय निकलता जा रहा था।

बत्रा अस्पताल ने पहले आठ मरीजों की मौत होने की सूचना दी और बाद में शाम तक कुल 12 मरीजों की मौत होने की सूचना दी।

बत्रा अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉक्टर एस सी एल गुप्ता ने इससे पहले कहा था, ‘‘हम गंभीर रूप से बीमार पांच अन्य मरीजों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं।’’

उन्होंने कहा कि मरने वालों में से छह मरीज आईसीयू में भर्ती थे। उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन की कमी से मरने वालों में अस्पताल के गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी (जठरांत्र विज्ञान) विभाग के प्रमुख आर के हिमतानी भी शामिल हैं जिन्हें 15-20 दिन पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

उन्होंने कहा कि सरकार ने शनिवार को ऑक्सीजन की कमी के बारे में जीवन रक्षा संदेश (एसओएस) भेजे थे। उन्होंने कहा कि अस्पताल ने अधिकारियों को सुबह ऑक्सीजन की कमी के बारे में सूचित किया था जब केवल 2,500 लीटर आक्सीजन बची थी।

फिर, लगभग दोपहर 12.30 बजे, अस्पताल के अधिकारियों ने दावा किया कि ऑक्सीजन समाप्त हो गया है। टैंकर दोपहर 1.35 बजे पहुंचा।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने घटना पर अपनी नाराजगी व्यक्त की।

उन्होंने ट्वीट किया, ”ये खबर बहुत ही ज़्यादा पीड़ादायी है। इनकी जान बच सकती थी -समय पर ऑक्सीजन देकर। दिल्ली को उसके कोटे की ऑक्सीजन दी जाए। अपने लोगों की इस तरह होती मौतें अब और नहीं देखी जाती। दिल्ली को 976 टन ऑक्सीजन चाहिए और शुक्रवार को केवल 312 टन ऑक्सीजन दी गयी। इतनी कम ऑक्सीजन में दिल्ली कैसे साँस ले?”

दिल्ली सरकार द्वारा संचालित जीटीबी अस्पताल ने कहा कि उसके पास रात 8 बजे तक की आक्सीजन बची है जबकि राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल ने कहा कि उनकी ऑक्सीजन चार घंटे तक चलेगी।

राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के सूत्रों ने कहा कि इकाई ने ऑक्सीजन की आपूर्ति में कमी के कारण मरीजों की भर्ती रोक दी है।

अस्पताल में लगभग 350 मरीज हैं और ये सभी ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं।

आप विधायक राघव चड्ढा ने कहा कि राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के लिए दो मीट्रिक टन लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन ले जाने वाला क्रायोजेनिक टैंकर इकाई पहुंच जाएगी।

उन्होंने ट्विटर पर कहा, ‘‘यह कहते हुए अच्छा नहीं लग रहा है लेकिन ऑक्सीजन आपूर्तिकर्ताओं ने छोड़ दिया है और हम हर संभव प्रयास कर रहे हैं।’’

चड्ढा ने ट्विटर पर कहा कि इसी तरह, जीटीबी अस्पताल के लिए दो मीट्रिक टन एलएमओ ले जाने वाला एक टैंकर भी सुविधा तक पहुंच जाएगा।

शनिवार शाम 7.35 बजे, सर गंगा राम अस्पताल ने भी एसओएस संदेश दिया। इसमें कहा गया था कि केवल 2500 घन मीटर ऑक्सीजन बची है जो पांच घंटे चलेगी।

वसंत कुंज में फोर्टिस अस्पताल ने ऑक्सीजन की कमी के कारण मरीजों की भर्ती बंद कर दी। सूत्रों ने शनिवार दोपहर को पीटीआई-भाषा को बताया कि अस्पताल में चार घंटे की ऑक्सीजन शेष बची है। दिल्ली कोरोना ऐप के अनुसार अस्पताल में 106 कोविड रोगी हैं।

मीरा बाग में सहगल नियो अस्पताल ने भी कम होते ऑक्सीजन के बारे में ट्विटर पर एक एसओएस संदेश भेजा।

अस्पताल ने दोपहर 12.40 के एक ट्वीट में कहा, ‘‘हम आक्सीजन के लिए तत्काल सहायता का अनुरोध करते हैं। हमारी बैकअप आपूर्ति भी समाप्त होने के करीब है और हम सुबह से ही आपूर्ति का इंतजार कर रहे हैं। हमारे पास आक्सीजन पर 90 और 13 मरीज आईसीयू में हैं।’’

Leave a Reply

Your email address will not be published.