शिवाजी कॉलेज के वार्षिक समारोह का शानदार आयोजन, IAS प्रियंका ने साझा किए अपने अनुभव

दिल्ली के शिवाजी कॉलेज में 27 जुलाई, 2021 को वार्षिक समारोह सम्पन्न हुआ। स्वागत संबोधन में प्राचार्य प्रो. शिवकुमार सहदेव ने कहा कि आज कोविड की भयावह आपदा में शिवाजी कॉलेज द्वारा समाज के लिए किये गए कार्यों को याद करने का दिन है, साथ ही अपने छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों की उपलब्धियों के लिए पीठ थपथपाने और शाबाशी देने का भी समय है।

उन्होंने इस बात को इंगित किया कि कोविड की विश्वव्यापी आपदा ने हमें तकनीकी रूप से सक्षम बनने और अपनी क्षमता को पहचानने की जो चुनौती दी थी, उसे हमने अवसर के रूप में स्वीकार किया और परिणाम आपके सामने है। हमारी उपलब्धियाँ इस चुनौती से संघर्ष करने और सफल होने का संकेत हैं। आज हम नैक में ए ग्रेड प्राप्तकर और एनआईआरएफ रैंकिंग में इक्यावनवें पायदान पर हैं। जिसे हम उत्तरोत्तर और बेहतर कर रहे हैं। विज्ञान, वाणिज्य और कला वर्ग में हम क्रमशः इकत्तीसवें, छब्बीसवें, और उनतालीसवें पायदान पर रहे। हमने सफलतापूर्वक वैक्सीन केन्द्र को स्थापित किया, हमारी एन.एस.एस टीम ने अपनी सामाजिक भूमिका को बड़ी जिम्मेदारी से निभाया। इस विश्वव्यापी संकट के दौर में हम अपने सहयोगियों, कर्मचारियों, छात्रों और समाज के साथ खड़े हुए हैं। चाहे छात्रों की फीस माफी हो, या सामाजिक मदद करना या अपने शिक्षक सहयोगियों का प्रमोशन सभी विषयों पर हमने काम किया है और सफलता अर्जित की है। जिसके लिए दिल्ली विश्वविद्यालय, जेएनयू, बी.एच. यू के कुलपति और अन्य गणमान्य विभूतियों ने अपने शुभकामना संदेशों से हमारे कामों की सराहना की है।

शिवाजी कॉलेज के चेयरमैन श्री अजय भाटिया जी ने कोविड के दौर में कॉलेज द्वारा किये गए कार्यों और प्राचार्य प्रो. शिवकुमार सहदेव के नेतृत्व की सराहना की और कहा कि कोविड के इस अंधकारमय समय में शिवाजी कॉलेज ने चाहे वैक्सीन उपलब्ध करवाने को लेकर हो, या छात्रों की फीस माफी या फिर कॉलेज की एन.एस.एस यूनिट द्वारा समाज में कोविड से पीड़ित लोगों तक अपनी सहायता पहुँचाना हो जिस तरह से शिवाजी कॉलेज ने अकादमिक के साथ साथ अपनी सामाजिक भूमिकाओं को निभाया है, वह निश्चित ही प्रशंसनीय हैं। उन्होंने यह विश्वास जताया कि कॉलेज आगे भी हमेशा समाज और राष्ट्र के साथ खड़ा रहेगा।

समारोह की मुख्य अतिथि 2017 बैच की आई.ए.एस सुश्री प्रियंका जी. ने अपने जीवनानुभव के माध्यम से छात्रों के समक्ष यह संदेश रखा कि सफलता की सही परिभाषा केवल स्वयं के सफल होने में निहित न होकर समाज के प्रति आपके दायित्वों को निभाने में निहित है। पूरा जीवनानुभव आपको संदेश देता है, जरूरत है योजनाबद्ध तरीके से अपने लक्ष्यों को साधने की। समाज में फैली गला-काट प्रतियोगिता पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि सफलता का एक मतलब अपनी पसंद के काम में महारत हासिल कर उसे समाजोपयोगी कैसे बनाया जाए, इस सोच में भी निहित है।

अंत में उन्होंने कॉलेज की कोविड के दौर में किए गए कार्यों के लिए प्रशंसा करते हुए शिक्षकों को अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति छात्रों को प्रोत्साहित करने का सुझाव दिया। शिवाजी कॉलेज के पूर्व छात्र और विशिष्ट वक्ता दिल्ली विश्वविद्यालय के जीव विज्ञान विभाग में प्रोफेसर के रूप में कार्यरत प्रो. राकेश सेठ उपस्थिति थे। उन्होंने अपनी शिवाजी कॉलेज की स्मृतियों को याद कर समारोह के माहौल को बहुत भावपूर्ण बना दिया। उन्होंने अपने शिक्षकों को याद किया। अपने शिक्षक प्रो. एस. पी. एस. चौहान जी का ज़िक्र किया, संयोगवश प्रो. चौहान इस अवसर पर स्वयं कॉलेज में अपने छात्र के अनुभव सुन रहे थे, बड़ा मनोरम दृश्य था। उनकी बातचीत ने शिक्षक छात्र के संबंधों को नया आयाम प्रदान किया।


इस अवसर पर कॉलेज की वार्षिक रिपोर्ट और वार्षिक पत्रिका शिवराज का लोकार्पण भी किया गया। साथ ही प्लेसमैंट सेल के ई-न्यूज़ लैटर कैरियर क्रोनिकल्स को भी रिलीज़ किया गया। इस वर्ष से कॉलेज में मीडिया कॉर्डिनेटर और सोशल मीडिया कॉर्डिनेटर के पदों को सृजित किया गया जिसका दायित्व क्रमशः डॉ. दर्शन पांडेय और डॉ. अंशू चोपड़ा को सौंपा गया।


इस वर्ष प्रो. आर. के. सेठ विशिष्ट पूर्व छात्र के रूप में सम्मानित किए गए और वर्ष के श्रेष्ठ गैर-शैक्षणिक कर्मचारी के रूप में श्री पंकज कुमार (निजी सहायक, प्राचार्य) को नामित किया गया। विभिन्न पाठ्यक्रमों के टॉपर्स को पुरस्कृत करते हुए कॉलेज स्वयं गौरवांवित अनुभव कर रहा था। प्रत्येक पाठ्यक्रम के अधिक अंक प्राप्त छात्र को पुरस्कार राशि एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।


इस समारोह का मुख्य आकर्षण वर्ष के सर्वश्रेष्ठ विद्यार्थियों के नामों की घोषणा रही। जिसने सिर्फ अकादमिक ही नहीं बल्कि अन्य गतिविधियों में भी उच्च प्रदर्शन किया हो। इस बार का यह पुरस्कार विज्ञान, वाणिज्य/ गणित/अर्थशास्त्र, और कला वर्ग से क्रमश तान्या अधलखा बीएस.सी(ऑनर्स), निशा रानी गणित(ऑनर्स), और सानिया अब्बास(बी.ए.प्रो.) को दिया गया।

इस वर्ष से दिव्यांग श्रेणी के लिए एक नए पुरस्कार की शुरुआत भी की गई जिसके लिए इस वर्ष बी.ए. प्रोग्राम के छात्र अरुण कुमार को चुना गया। पुरस्कार स्वरूप उन्हें 5100 रूपये की धनराशि एवं प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।


इस अवसर पर कॉलेज की गवर्निंग बॉडी के चेयरमैन श्री अजय भाटिया, कॉलेज में विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि और गवर्निंग बॉडी के सदस्य प्रो. राकेश कुमार भट्ट एवं प्रो. मोहन एवं अन्य गणमान्य विभूतियों के साथ सैंकड़ों छात्र, शिक्षक गण एवं कर्मचारी वर्चुअली उपस्थित रहे।

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