गावस्कर को धोनी और शास्त्री में टकराव की आशंका !

पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को टी-20 विश्व कप के लिए टीम इंडिया का मेंटर बनाने पर पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने धोनी के कोच रवि शास्त्री से टकराव की आशंका जाहिर की है। उन्होने ये आशंका धोनी को टीम इंडिया का मेंटर नियुक्त करने की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए ज़ाहिर की। उन्होने कहा है कि वे प्रार्थना कर रहे हैं कि धोनी और शास्त्री के बीच कोई टकराव न हो।

गावस्कर ने क्यों जताई टकराव की आशंका ?
गावस्कर ने अपने साथ हुई ऐसी ही एक घटना का हवाला देते हुए कहा कि 2004 में भारत के लिए सलाहकार के रूप में उनकी नियुक्ति ने तत्कालीन मुख्य कोच जॉन राइट के मन में असुरक्षा पैदा कर दी थी। उनका मानना है कि धोनी के मेंटर बनने से कोच शास्त्री के मन में ऐसी बातें आ सकतीं हैं।

टीम इंडिया पर धोनी की मेंटरशिप का क्या असर होगा ?
गावस्कर ने कहा कि वो ‘प्रार्थना’ करते हैं कि मुख्य कोच रवि शास्त्री और पूर्व कप्तान एमएस धोनी के बीच कोई टकराव या असहमति न हो क्योंकि इसका बुरा असर टीम के प्रदर्शन पर पड़ सकता है। गावस्कर ने कहा कि अगर रणनीति को लेकर धोनी और शास्त्री के बीच मतभेद होते हैं तो इससे टीम का प्रदर्शन प्रभावित हो सकता है।

गावस्कर के मुताबिक अगर रणनीति और टीम चयन को लेकर रवि और धोनी के बीच असहमति है, तो इसका असर टीम पर पड़ सकता है। वो बस प्रार्थना कर रहे हैं कि कोई टकराव न हो। उन्होने एक टीवी चैनल से बात करते हुए कहा कि अगर रवि और धोनी एक समझ से काम करेंगे तो इससे भारतीय टीम को बहुत फायदा होगा।

गावस्कर से जॉन राइट क्यों घबराए ?
गावस्कर ने अपने अनुभव सांझा करते हुए बताया कि 2004 में जब वो टीम इंडिया के सलाहकार बने तो तत्कालीन कोच जॉन राइट असहज हो गए। जॉन राइट घबराए हुए थे। उन्होंने सोचा कि मैं शायद जॉन राइट की जगह लेने जा रहा हूं। गावस्कर ने कहा कि धोनी और शास्त्री के मामले में बात अलग है, शास्त्री जानते हैं कि धोनी की कोचिंग में कोई खास दिलचस्पी नहीं है।

क्या धोनी को कोच बनने के लिए तैयार किया जा रहा है ?
गावस्कर ने ये भी उम्मीद जताई है कि मेंटरशिप के 2-3 साल बाद धोनी कोचिंग के लिए तैयार भी हो सकते हैं। उन्होने कहा कि एक पूर्व खिलाड़ी को चयनकर्ता या कोच बनने के लिए रिटायरमेंट से बाद 2-3 साल का कूलिंग-ऑफ पीरियड लेना चाहिए।

गावस्कर ने उम्मीद जताई है कि धोनी को मेंटर बनाने से टीम इंडिया के आत्म विश्वास को बढ़ावा मिलेगा। उन्होने बीसीसीआई के फैसले को टीम इंडिया को प्रोत्साहन देने वाला कदम करार दिया है।

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